Posts

क्या आपको मालूम है, मौलाना उबैदुल्लाह सिंधी 1915 में बनी ‘आज़ाद’ सरकार मे Home Minister की हैसियत रखते थे..??

Image
क्या आपको मालूम है, मौलाना उबैदुल्लाह सिंधी 1915 में बनी ‘आज़ाद’ सरकार मे Home Minister की हैसियत रखते थे..??



झ्यादा मालओमात क लिये हमारा पेज ANEES BHARTI





10 मार्च 1872 को स्यालकोट (पंजाब) मे एक सिख घराने मे एक लडके ने जन्म लिया , बाप लडके के पैदा होने से पहले ही इस दुनिया को अलविदा कह चुका था ! जब लडके ने कुछ होश सम्भाला तो माँ ने उसे पढ़ने के लिए मामा के पास (सिंध) भेज दिया वहाँ उस लडके के ताललुकात कई फ़क़ीरों से और सूफ़ियों से हुआ , सूफ़ियों की तालीम उसे इस्लाम की तरफ़ खींचती और एक दिन वह अपना घर छोड़ कर भाग खड़ा हुआ और सिंध के एक बुज़ुर्ग के हाथ पर इस्लाम को कबुल किया या दुसरे लफ़्ज़ मे कहे तो लडके ने अपने दिल की बात को ख़ुद से मनवा लिया । अपना नाम Ubiadullah रखा । 25 बरस की उम्र तक मौलाना Ubaidullah सिंधी ने सूफ़ियों और ख़ानकाहो मे इल्म सीखते रहे उसके बाद देवबंद चले आए , यहाँ शेख़ उल हिन्द रह अल से मुलाक़ात हुइ , और छह साल तक देवबंद मे इल्म हासिल किया , फिकह , Logic और फ़लसफ़े मे महारत हासिल करने के बाद वापस सिंध लौट गये । प्रथम विश्व युद्ध के समय मौलाना , शैख़ उल हिन्द रह अल के क…

INDEPENDENCE DAY 15 AUG 1947

Image
अंग्रेज़ों ने जंगे आज़ादी में अपना सबसे बड़ा दुश्मन मौलवी अहमदुल्लाह शाह फ़ैज़ाबादी को माना था.मतलबपरस्ती की इस दुनिया में किसी भी जननायक को भुला देने के लिए 158 साल कम नहीं होते। जब हमारे ही लोग उस गौरवशाली विरासत की शानदार धरोहर को सहेज कर न रख पा रहे हों तो सत्ता को कोसने का क्या मतलब…? दरअसल, इतिहास की भी दो किस्में हैं: एक तो राजा, रजवाड़े, रियासतों, तालुकेदारों, नवाबों, बादशाहों, शहंशाहों का और दूसरा जनता का। सत्ता का चरित्र होता है कि वह अपने फ़रेब, साजिशों और दमन के सहारे हमें बार-बार आभास कराती है कि जनता बुजदिल, कायर होती है और जनता के बलिदानों का कोई इतिहास नहीं है। हमारे लोग भी जाने-अनजाने ऐसी साजिशों का हिस्सा बन जाते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर हम सब कुछ भूलने पर ही उतारू हो जाएं. तो भला याद क्या और किसे रखेंगे ? एक ऐसा स्वतंत्रता सेनानी जिसे इतिहास के पन्नो में दफ्न कर दिया गया-  1857 में जब पूरा हिंदुस्तान अंग्रेजों के जुल्मों सितम से परेशान था और बगावत के सिवा उनके पास कोई चारा नही बचा था इसी वक़्त में एक ऐसा शख्श भी था जिसने अंग्रेजों के नाक में दम कर रखा था , दम भी इतना …

ANEES BHARTI RAKHSHA BANDHAN

Image

भोकरद शहरात झाडे लावून ईद साजरी करण्यात आली

Image
भोकरद शहरात झाडे लावून ईद साजरी करण्यात आलीराहत फाउंडेशन चा उपक्रम 
विविध माध्यमात रिलेटेड न्युज बघा येथे क्लिक करा



 भोकरदन शहरात राहत फौंडेशन भोकरदन च्या वतीने ५० झाडे लावून रमजान ईद साजरी करण्यात आली,झाडे आहे तर धरती आहे आणि धरती आहे तर माणूस आहे या वेळी अनिस भारती यांनी सांगितले.या वेळी डॉक्टर शेख रइस यांचा मागदर्शन लाभला. या वेळी राहत फौंडेशन चे अध्यक्ष अनिस भारती ,डॉक्टर शेख रइस ,शेख मुजीब, शेख बिलाल,शेख फर्मान,सुनील गायकवाड,सलमान पठाण इत्यादी उपस्थित होते.

NMAZ HAR HAL ME FARZ HAI BY ANEES BHARTI

Image

SHIVAJI MAHARAJ BY ANEES BHARTI

Image

MIM BY ANEES BHARTI

Image